वीभत्स रस की परिभाषा और उदाहरण (Vibhats Ras Kise Kahate Hain)
वीभत्स रस किसे कहते हैं (Vibhats Ras Kise Kahate Hain)
जब किसी वस्तु या दृश्य को देखकर मन में घृणा (disgust) का भाव उत्पन्न हो, तो उस स्थिति में उत्पन्न होने वाले रस को वीभत्स रस कहा जाता है।
दूसरे शब्दों में कहें तो – जब काव्य, कहानी या नाटक में ऐसे दृश्य का वर्णन किया जाता है जिससे मन में घृणा या अरुचि पैदा हो जाए, तब वहाँ वीभत्स रस उत्पन्न होता है।
- गंदगी देखकर घृणा होना
- सड़ी हुई वस्तु देखकर मन खराब होना
- किसी अप्रिय दृश्य से मन में अरुचि पैदा होना
इन सभी स्थितियों में वीभत्स रस की अनुभूति होती है।
वीभत्स रस की परिभाषा
जिस रस में घृणा या अरुचि का भाव प्रकट होता है, उसे वीभत्स रस कहते हैं।
सरल शब्दों में परिभाषा इस प्रकार समझ सकते हैं –
“जिस काव्य या दृश्य को देखकर मन में घृणा का भाव उत्पन्न हो, वहाँ वीभत्स रस होता है।”
यह रस सामान्यतः उन स्थितियों में दिखाई देता है जहाँ गंदगी, दुर्गंध, खून, सड़ा हुआ पदार्थ या अप्रिय दृश्य का वर्णन किया जाता है।
वीभत्स रस का स्थाई भाव
हर रस का एक स्थायी भाव होता है। स्थायी भाव वह भावना होती है जो उस रस का मुख्य आधार बनती है।
वीभत्स रस का स्थायी भाव “घृणा” है।
जब किसी दृश्य या घटना से मन में घृणा उत्पन्न होती है, तो वही घृणा आगे चलकर वीभत्स रस का रूप ले लेती है।
वीभत्स रस के उदाहरण से समझें
- सड़ी हुई चीज देखकर मन में घृणा होना
- कचरे के ढेर से दुर्गंध आना
- गंदे स्थान को देखकर मन खराब होना
इन सभी स्थितियों में घृणा का भाव उत्पन्न होता है, और यही भाव वीभत्स रस का स्थायी भाव कहलाता है।
वीभत्स रस के प्रमुख अंग
वीभत्स रस के निर्माण में कुछ प्रमुख तत्वों की भूमिका होती है। इन्हें रस के अंग कहा जाता है।
1. स्थायी भाव
घृणा
2. विभाव
वह कारण जिससे घृणा उत्पन्न होती है। जैसे – गंदगी, दुर्गंध, सड़ा हुआ भोजन आदि।
3. अनुभाव
घृणा के कारण जो शारीरिक प्रतिक्रिया होती है जैसे – मुँह बनाना, नाक बंद करना, दूर हट जाना।
4. संचारी भाव
लज्जा, चिंता, बेचैनी आदि भाव जो घृणा के साथ उत्पन्न होते हैं।
वीभत्स रस के उदाहरण
नीचे वीभत्स रस के कुछ सरल और स्पष्ट उदाहरण दिए गए हैं।
click here - वीभत्स रस के 10 उदाहरणवीभत्स रस की विशेषताएँ
वीभत्स रस की कुछ मुख्य विशेषताएँ होती हैं।
- इस रस में घृणा का भाव प्रमुख होता है।
- यह गंदगी या अप्रिय दृश्य से संबंधित होता है।
- काव्य या कहानी में इस रस का उपयोग सीमित रूप से किया जाता है।
- यह पाठक या दर्शक के मन में अरुचि पैदा करता है।
- इस रस का उद्देश्य घृणित वस्तुओं से बचने की भावना उत्पन्न करना भी होता है।
साहित्य में वीभत्स रस का महत्व
हालाँकि वीभत्स रस सुनने या पढ़ने में थोड़ा अप्रिय लगता है, लेकिन साहित्य में इसका भी महत्वपूर्ण स्थान है।
कवि या लेखक इसका उपयोग समाज की बुराइयों, गंदगी या गलत आदतों को दिखाने के लिए करते हैं।
इस रस के माध्यम से लेखक यह संदेश भी दे सकते हैं कि हमें गंदगी और बुरी चीजों से दूर रहना चाहिए।
इस प्रकार वीभत्स रस भी साहित्य में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।